Sunday, March 25, 2012

बिल्लियों ने रास्ता काटा बहुत


"बिल्लियों ने रास्ता काटा बहुत,
मैं मुसाफिर था मगर बढ़ता गया."
---- राजीव चतुर्वेदी

3 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

बढ़ते जाना, काम हमारा..

यादें....ashok saluja . said...

अच्छा किया.....
गर् जो रुक जाते
मंजिल भटक जाते ||
शुभकामनाएँ!

रश्मि प्रभा... said...

मंजिल मिली तो जाना - सब झूठ था